🌾 संजना जाटव: सांसद नहीं, समाज की सच्ची सेविका
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो दिल को छू लेने वाला है। इसमें एक महिला खेत में भूसे से अनाज को अलग करती नज़र आ रही है। देखने पर यह कोई आम ग्रामीण महिला लगती है, लेकिन असल में ये हैं राजस्थान के भरतपुर से सांसद संजना जाटव जी।
इस दृश्य ने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है – क्या आज के दौर में कोई नेता इतना जमीन से जुड़ा हो सकता है? जवाब है – हां, और वो उदाहरण हैं संजना जाटव।
👉वायरल वीडियो अंत में है 👇
🌱 नेता नहीं, प्रेरणा हैं संजना जाटव
जहाँ आजकल अधिकतर लोग सरकारी पद या राजनीति में पहुंचते ही सादगी और जमीनी हकीकत से दूरी बना लेते हैं, वहीं संजना जाटव जी इस सोच को चुनौती देती हैं।
सरकारी नौकरी या संसद में पहुंचने के बाद अक्सर लोग खेतों की धूल से दूर हो जाते हैं। लेकिन संजना जी अपने ही खेत में खड़ी हैं – हाथ में कुट्टी का फटका, चेहरे पर आत्मविश्वास और मन में सेवा का भाव।
🙏 संस्कार और सादगी की मिसाल
संजना जाटव सिर्फ सांसद नहीं हैं, वो एक विचार हैं – कि कितनी भी ऊंचाई क्यों ना पा लो, अपने जड़ों को कभी मत भूलो।
जहाँ एक तरफ समाज में लोग “मैं कौन हूँ” दिखाने में लगे हैं, वहीं संजना जी यह दिखा रही हैं कि “मैं कहाँ से हूँ” ये ज़्यादा जरूरी है।
💬 सोशल मीडिया पर उमड़ा सैलाब
इस वीडियो को देखकर हर कोई भावुक हो गया है।
- किसी ने कहा – “नेता ऐसा हो जो जमीन पर भी काम करे, और संसद में भी समाज की आवाज़ बने।”
- किसी ने लिखा – “यही होती है असली शिक्षा, संस्कार और नेतृत्व।”
🌟 युवा पीढ़ी के लिए सीख
आज का युवा बड़े सपने देखता है – UPSC, SSC, JE, बैंकिंग, डॉक्टर, इंजीनियर… और जैसे ही सफलता मिलती है, अक्सर वो अपने मूल स्थान को भूल जाता है।
खेत में पले-बढ़े लोग खेतों को देखना तक छोड़ देते हैं।
पर संजना जाटव का यह वीडियो हमें याद दिलाता है कि “जमीन से जुड़ा इंसान ही सबसे ऊंचा होता है।”
📝 निष्कर्ष
संजना जाटव सिर्फ एक सांसद नहीं, एक सादगी की प्रतीक, संस्कारों की मिसाल, और हमारी नई पीढ़ी की प्रेरणा हैं।
यह वीडियो हमें यही सिखाता है कि “पद बड़ा हो या छोटा, अगर आप अपने लोगों, अपनी मिट्टी और अपनी पहचान से जुड़े हैं – तभी आप सच्चे अर्थों में महान हैं।”
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~: धन्यवाद :~

